
राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित Bharat Mandapam में चल रहे हाई-प्रोफाइल AI Impact Summit के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया जब कुछ यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता सुरक्षा घेरा तोड़कर परिसर में घुस आए।
कार्यक्रम में देश-विदेश के टेक लीडर्स और नीति-निर्माता मौजूद थे, तभी माहौल अचानक राजनीतिक हो गया।
नारे, पोस्टर और अचानक बढ़ा तनाव
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ आक्रामक नारे लगाए, जिनमें “PM is Compromised” जैसे स्लोगन भी शामिल थे। कुछ मिनटों के लिए समिट का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से हटकर ‘पॉलिटिकल इंटेलिजेंस’ पर आ गया।
सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई
सुरक्षा बलों ने तुरंत हालात को नियंत्रित किया और प्रदर्शनकारियों को परिसर से बाहर ले जाया गया। आयोजकों ने स्थिति को शांतिपूर्वक संभालने की कोशिश की, ताकि कार्यक्रम की गरिमा बनी रहे। हालांकि, इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक विरोध की टाइमिंग पर सवाल जरूर खड़े कर दिए।

टेक मंच पर पॉलिटिक्स की एंट्री
AI Impact Summit का उद्देश्य तकनीक, नीति और भविष्य की दिशा पर चर्चा करना था। लेकिन इस विरोध प्रदर्शन ने यह याद दिला दिया कि भारत में टेक और पॉलिटिक्स की लाइन अक्सर बहुत पतली होती है। जहां एल्गोरिद्म की बात होनी थी, वहां आरोपों की गूंज सुनाई दी।
अब सवाल यह है क्या यह सिर्फ प्रतीकात्मक विरोध था या आने वाले चुनावी मौसम की झलक? दिल्ली की सियासत में हर मंच संभावित राजनीतिक अखाड़ा बन सकता है चाहे वह टेक समिट ही क्यों न हो।
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